छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में महत्वपूर्ण संशोधन: शेयर और निवेश पर नए नियम लागू
रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जो अब सरकारी कर्मचारियों के शेयर, प्रतिभूतियों और अन्य निवेशों से संबंधित लेनदेन को नियंत्रित करेंगे। ये संशोधन 30 जून, 2025 को एक अधिसूचना के माध्यम से किए गए थे और अब 22 जुलाई, 2025 को जारी एक स्पष्टीकरण पत्र के साथ प्रभावी हो गए हैं।
संशोधनों के अनुसार, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 19 में एक नया उप-खंड (च) जोड़ा गया है। यह उप-खंड अब शेयर, प्रतिभूतियों, डिबेंचर और म्यूचुअल फंड को जंगम (चल) संपत्ति के दायरे में शामिल करता है।
मुख्य बिंदु और नए नियम:
1.चल संपत्ति की रिपोर्टिंग: छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 19 (2-क) (3) के अनुसार, यदि कोई सरकारी कर्मचारी या उसके परिवार का कोई सदस्य जंगम संपत्ति में ऐसा लेनदेन करता है जिसका मूल्य 02 महीने के मूल वेतन से अधिक है, तो उसे निर्धारित प्राधिकारी को इसकी रिपोर्ट करनी होगी।
2. निवेश के लिए नई सीमा: अब यह निर्णय लिया गया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी स्वयं या परिवार के किसी सदस्य के नाम से एक कैलेंडर वर्ष के दौरान शेयर, प्रतिभूतियों, डिबेंचर, म्यूचुअल फंड या अन्य निवेशों में कुल 06 महीने के मूल वेतन से अधिक का लेनदेन करता है, तो उसे संलग्न प्रोफार्मा में निर्धारित प्राधिकारी को सूचित करना अनिवार्य होगा।
3. बार-बार खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध: शेयरों, प्रतिभूतियों या अन्य निवेशों की बार-बार खरीद-बिक्री (जैसे इंट्रा-डे, BTST, फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) और क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग/निवेश) को आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित सरकारी कर्मचारी छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही का भागीदार होगा।
इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों, राजस्व मंडल, संभागीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों, जिलाधिकारियों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं।
यह संशोधन सरकारी कर्मचारियों के वित्तीय लेनदेन में अधिक पारदर्शिता लाने और अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।


