छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए गए ‘संकल्प’ बजट (2026-27) में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और सरकारी कर्मचारियों एवं आम जनता के स्वास्थ्य के लिए कई अहम और ऐतिहासिक घोषणाएं की गई हैं। यहाँ विद्यार्थी, शिक्षक और कैशलेस चिकित्सा से जुड़ी न्यूज़ की विस्तृत जानकारी दी गई है:

1. विद्यार्थियों के लिए खुला खजाना (नवाचार और अवसर) बजट में युवाओं और छात्रों को केंद्र में रखते हुए उनकी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:

  • ‘सीजीएस असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स’ (CG Assistance for Competitive Exams): राज्य के युवा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें, इसके लिए 33 करोड़ रुपये की लागत से यह नई योजना शुरू की गई है। इसके तीन मुख्य घटक हैं:
    • उड़ान: नीट (NEET), क्लैट (CLAT) और जेईई (JEE) जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक मदद।
    • शिखर: यूपीएससी (UPSC) और सीजीपीएससी (CGPSC) जैसी प्रशासनिक चयन परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिभाशाली युवाओं को आर्थिक सहायता।
    • मंजिल: बैंकिंग, एसएससी (SSC) और रेलवे की चयन परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक मदद।
  • मेगा परीक्षा केंद्र और नई लाइब्रेरी: रायपुर में 25 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘मेगा परीक्षा केंद्र’ बनाया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले और स्थानीय छात्रों को परीक्षा देने में सहूलियत हो। साथ ही, तखतपुर, पंडरिया, भाटापारा सहित अन्य स्थानों पर 5 नई ‘नालंदा लाइब्रेरी’ के लिए 22 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो करियर और उद्यमिता मार्गदर्शन का भी केंद्र बनेंगी।
  • हॉस्टल और मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: जिन मेधावी छात्रों को पढ़ाई के दौरान सरकारी हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाती है, उन्हें संभाग स्तर पर खुद के रहने की व्यवस्था करने के लिए 1 करोड़ रुपये के बजट के साथ ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ के तहत आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।
  • स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना: पीएम श्री योजना की तर्ज पर 100 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ यह नई योजना शुरू की जा रही है, जिसके पहले चरण में 150 विद्यालयों को ‘आदर्श शैक्षणिक संस्था’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • नक्सलगढ़ में एजुकेशन सिटी: बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये के शुरुआती बजट से दो ‘एजुकेशन सिटी’ बनाई जाएंगी। यहाँ प्राथमिक शाला से लेकर हायर सेकेंडरी, आईटीआई (ITI) और हॉस्टल की सुविधा एक ही जगह पर मिलेगी।
  • युवा दर्शन योजना: सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली और मेधावी छात्रों को राज्य के महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण कराने के लिए 5 करोड़ रुपये के बजट के साथ ‘छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना’ शुरू की जाएगी।
  • कॉलेजों का उन्नयन: 5 सरकारी कॉलेजों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Center of Excellence) के रूप में विकसित करने के लिए 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

2. शिक्षकों के लिए आवासीय और ढांचागत सुविधाएं शिक्षकों को दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में काम करने में परेशानी न हो, इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:

  • टीचर्स क्वार्टर्स (शिक्षक आवास): बस्तर के घोर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ और जगरगुंडा में बनने वाली नई ‘एजुकेशन सिटी’ के इकोसिस्टम में केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी आवासीय सुविधा (टीचर्स क्वार्टर्स) का निर्माण किया जाएगा, ताकि वे वहां रहकर बच्चों का भविष्य संवार सकें।
  • इसके अलावा, नवीन नियुक्तियों के कारण बढ़ते कर्मचारियों की संख्या को देखते हुए 11 जिला मुख्यालयों तथा 25 विकास खंड मुख्यालयों में शासकीय कर्मचारियों के लिए क्वार्टर निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका लाभ शिक्षकों को भी मिलेगा।

3. सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘कैशलेस चिकित्सा’ योजना सरकारी कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था में राज्य सरकार ने एक बड़ा और बहुप्रतीक्षित बदलाव किया है:

  • ई-हेल्थ कार्ड (e-Health Card) से मुफ्त इलाज: वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को बीमारी के उपचार का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता है (स्वयं वहन करना होता है) और बाद में बिल जमा करने पर उसकी प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की जाती है। यह प्रक्रिया बहुत लंबी और जटिल थी। इस समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने ‘कैशलेस चिकित्सा सुविधा’ (Cashless Medical Facility) की नई योजना की घोषणा की है।
  • 100 करोड़ का बजट: इस नई योजना के तहत कर्मचारियों को ‘ई-हेल्थ कार्ड’ दिए जाएंगे, जिससे वे अस्पतालों में सीधे बिना पैसे दिए (कैशलेस) अपना इलाज करा सकेंगे। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
  • आम जनता के लिए आयुष्मान योजना: आम जनता और गरीबों के लिए ‘शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना’ के तहत सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी 5 लाख रुपये तक का मुफ्त (कैशलेस) इलाज दिया जा रहा है, जिसके लिए इस बजट में 1,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

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