
12 दिसंबर 2024 : सिंगापुर में हुए 18 वें वर्ल्ड चैंपियन शिप में गुकेश डी ने चीन के मौजूदा चैंपियन ग्रैंड मास्टर डिंग लिरेन को हराकर सबसे कम उम्र के वर्ल्ड क्लासिक चैस चैंपियन बन गए है ।
गुकेश डी अबतक कुल 1057 गेम खेल खेल चुके है जिसमें से 443 मै जीता है 362 ड्रॉ रही और 252 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है उनका जीत का प्रतिशत 41.91% है तथा स्कोर 59.04% है।
2016 में ये कैंडिडेट मास्टर बने 2018 में इंटरनेशनल मास्टर और 2019 में ये कजाकिस्तान के आस्ताना को हरा कर ग्रैंड मास्टर का खिताब जीता था ।
2024 की वर्ल्ड क्लासिक चेस चैंपियनशिप 25 नवंबर से 13 दिसंबर तक सिंगापुर में आयोजित हुई। इसमें भारत के युवा ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश ने इतिहास रचते हुए 18 साल की उम्र में वर्ल्ड चेस चैंपियन का खिताब जीता, जो उन्हें अब तक का सबसे कम उम्र का चैंपियन बनाता है। उन्होंने मौजूदा चैंपियन चीन के डिंग लिरेन को हराया।
चैंपियनशिप 14 क्लासिकल गेम्स के फॉर्मेट में खेली गई, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को पहले 40 चालों के लिए 120 मिनट का समय मिलता था। अगर दोनों के बीच स्कोर 7.5-7.5 पर बराबरी पर रहता, तो टाईब्रेक राउंड्स भी रखे जाते। इस चैंपियनशिप का कुल पुरस्कार $2.5 मिलियन था।
यह जीत न केवल भारतीय शतरंज के लिए बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गुकेश ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की है, और यह चेस की दुनिया में भारत की स्थिति को और मजबूत करता है।
29 मई 2006 को चेन्नई के एक तेलुगू फैमिली में जन्मे गुकेश डोमम्मराजू सबसे कम उम्र के चेस वर्ल्ड चैंपियन बन गए है इनके पिता रजनीकांत एक ईएनटी सर्जन है और उनकी माता पदमा एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट है। ये 7 साल के उम्र से चैस खेल रहे है ।

